यह हर पिता चाहता है कि सन्तान उनके आज और भविष्य के निर्णय में साझीदार बने ! लेकिन यह क्या ! वह तो उनके भूतकाल के निर्णय को भी अपने भौतिक लाभ - हानि के तराजू पर तोलकर उन निर्णयों पर प्रश्न चिन्ह लगाने लगा है ! जब वो था भी नही, उस समय के निर्णय को भी उसने सही और गलत का दर्जा दे दिया है , वो भी दूसरे के सामने ही नहीं अपने दिल में भी । उसे तो पता भी नही है की यह सारा निर्णय भी तो इसी के लिए था, पर पता करने की कोशिश भी कहाँ की ! और यदि कोशिश कर भी लेता तो भला पता कर कैसे पाता ! कैसे उन अनुभवो को समझ पाता जो उस पिता के दिल में था, कौन उसे बता पाता, शायद वो पिता भी अब उन अनुभवों को हु-ब-हु नहीं बता पाएगा । उसे तो स्वयं बाप होना होगा - उस अनुभव को जीने के लिए ! जब बीस वर्षों बाद उसके सन्तान उसके निर्णयों पर विश्लेषण कर रहे होंगे तब शायद वो आज के दिनों को फिर से याद कर पाएगा ।
BE HAPPY & Keep others happy. All the writings here given, are written in my personal (Fully Personal) view. According to you it may be correct or may not be. It is an humble request to all of my dear friends to give your comments. Copyright Free - You can use any of the data as you wish. There is no compulsion of credit too. My only request is to please don't use these data for unethical, destructive and inhuman way.
Sunday, May 26, 2019
Friday, September 7, 2018
शिक्षा व्यवस्था के उत्पाद
जब भारत के सबसे बेहतर दिमाग वाले ( सामाजिक स्तर पर प्रमाणित और स्वीकृत ) अब suicide करने को मजबूर हो रहे हैं तो क्या हमें अब अपनी इस शिक्षा व्यवस्था और उससे भी अधिक इस शिक्षा व्यवस्था के उत्पाद पर प्रश्न नहीं उठाना चाहिए ? हम समाज के स्तर पर शिक्षा के उत्पाद के रूप में - अच्छी सरकारी नौकरी , अच्छा पैकेज का जॉब चाहते हैं और किसी की प्राप्त शिक्षा की सार्थकता को भी इन्ही बिन्दुओं पर जांच परख कर सिद्ध करते आएँ हैं |
Wednesday, August 15, 2018
स्वतंत्रता का अर्थ
स्वतंत्रता का अर्थ है -- " स्वयं द्वारा नियंत्रित"
पूरे अस्तित्व में हर एक इकाई स्व नियंत्रित है -- चाहे धरती 🌍 हो, सूरज 🌞 हो , चंद्रमा 🌙 हो, जीव जानवर 🐴🐵🐶🐯🐒हों या फिर पेड़ पौधे 🌴🌵🌲🌱🌾 हों । हर एक इकाई अपने निश्चित आचरण के साथ ही जीती है ।
मानव में स्व-नियंत्रण पूर्वक जीना शेष है|
आज के दिन हम यह शुभ संकल्प लें कि मनमानी से निकल कर स्व-नियंत्रण की स्थिति में आएँ जहा हमारा कोई भी कर्म (कायिक, वाचिक, मानसिक , कृत, कारित,अनुमोदित ) ना तो किसी दूसरे के जीने में हस्तक्षेप न करे और ना ही हमारे कर्म दूसरे से प्रभावित हो । यही हमारे स्वतंत्रता पूर्वक जीने का प्रमाण होगा ।
Happy Independence Day
Thursday, January 5, 2017
Friday, December 9, 2016
रश्मिरथी प्रथम सर्ग - Audio
माफ़ कीजिएगा, हाजिर है मेरे बुरे विचार का दुष्परिणाम |
आवाज ना पसंद आये तो गरिया सकते हैं , वैसे इससे अच्छी होगी नहीं | पर हाँ अगले के लिए भी कोशिश रहेगी |
सुन लीजियेगा , और कैसा लगा बताइयेगा जरुर |
youtube पर भी लाइक कर दीजियेगा और सब्सक्राइब भी कर दियो ताकि यदि अगला सर्ग भी कर पाया तो वो भी पता चल जाए आपको |
Wednesday, December 7, 2016
रश्मिरथी
आज सफाई कर रहा था घर पर और मिल गई सफाई में रश्मिरथी की पुरानी किताब ।
बस फिर क्या था- जाग गयी पढ़ने की भूत पर | क्या आनंद आता है - जितना बार भी पढ़ा जाए , बोरियत नहीं होती |
वैसे ज्यादा तो नहीं पढ़ा पर हाँ एक और विचार आया है - खुद से रिकॉर्ड करने का विचार |
वैसे ज्यादा तो नहीं पढ़ा पर हाँ एक और विचार आया है - खुद से रिकॉर्ड करने का विचार |
देखता हूँ , जल्द ही साझा करूँगा |
#AudioBook #RashmiRathi
#AudioBook #RashmiRathi
Thursday, August 25, 2016
आपके सामानों की कहानी ( Story of Stuff )
सभी को यह विडियो जरुर देखनी चाहिए | यूँ तो यह वर्षों पहले अमेरिका के लिए बनी थी पर आज भी यह उतना ही सच है या शायद यह कहें की यह सच हर दिन और भायानाक और काली होती जा रही है |
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